प्रेग्नेंट आंटी की चुदाई (Hindi sex stories from ONSporn)

नमस्कार दोस्तों आप सब कैसे है …आज मैं आपको मेरे बाजु में रहेती गदरायी आंटी सोनम hindi sex stories from ONSporn  के साथ मैंने की हुई  चोदा पेली  की बात बताऊंगा, यह चोदा पेली मेरे लिए एक अलग अनुभव था क्यूंकि यह देसी आंटी की चूत में जब मेने अपना लंड दिया उस समय वह 6 महीने की गर्भवती थी और इस लिए यह चोदा पेली मुझे आज तक पल पल याद है….! मैं और नवाजुद्दीन   वही अंगने में बैठे केरम-बोर्ड खेल रहे थे, तभी मैंने देखा की सोनम  आंटी के घर का पर्दा हटा और उसने बहार आके कूड़ा डालने के बहाने मुझे इशारा कर दिया….! में इस देसी आंटी को तब पिछले एकाद साल से चोद रहा था, उसका पति गजेंद्र  एक शराबी था और सोनम  आंटी कभी कभी रात को उसे नींद की गोली दे कर मेरे साथ रात गुजार लेती थी | मैंने फिरोज को बहाना बताया और केरम बंद किया | में गली के पिछवाड़े से सोनम  आंटी के घर के रसोईघर से होते हुए अंदर घुसा, यह रास्ता सही था क्यूंकि इस से मुझे कोई अंदर दाखिल होते हुए देख नहीं पाता था | अंदर जाते ही सोनम  आंटी ने मुझे बाहों में भर लियाऔर वोह मेरे होंठो से अपने होठ लगाके चूमने लगी, सोनम  आंटी के मस्त गुलाबी होंठो को मैंने भी मस्त चूसने को लिए और उसकी जबान तक चूस डाली….! मैंने जैसे उसे छोड़ा, उसने अपने कपडे उतारने का शरु किया….उसके गर्भवती होने के कारण उसका पेट बहार आया था…मुझे लगा की शायद वोह प्रेग्नेंट है इस लिए चोदा पेली नहीं करवाएगी लेकिन शायद यह आंटी के कुछ और ही इरादे थे….!मित्रों मै सबसे पहले उसकी गांड मरना चाहता हु.

 उसको पेलने की इच्छा दिनों से है मित्रों आंटी ने अपने कपडे उतार कर मुझे वही सोफे पर बैठा दिया और वह मेरी पेंट को खींचने को उतारू थी, मैंने पेंटकी बटन खोलते ही उसने उसे खिंच कर मेरेलंड के दर्शन अंडरवेर के अंदर ही कर लिए, मेरा तना हुआ लंड अंडरवेर को ऊँची किए था और देसी आंटी की चूत शायद यह देख कर गीली हो चली थी | सोनम  आंटीने मेरी अंडरवेर खिंच के लंड को बहार किया और खुद भी सम्पूर्ण नग्न हो गई, मेरा लंड अब काले नाग की तरह फूंफांने लगा और देसी आंटी उसे हाथ में लेकर जैसे की उसका नाप ले रही थी…लंड तना था और आंटी के हाथ का स्पर्श मुझे अलग ही रोमांच दे रहा था | आंटी अब वही बेड पे आके आराम से लेट गई | मैंने आंटी को कमर पर हाथ से मलना शरु किया, मुझे पता था की उसे मसाज करवाना अच्छा लगता है…! मैंने उसकी कमर से लेकर उसकी गांड तक के हिस्से को हाथ से मसाज करना शरू कर दिया, और आंटी अपनी आँखे बंध किये पड़ी रही | में उसकी गांड के मटके जैसे कूलो पर भी हाथ फेरता था और बिच बिच में उसकी गांड को दोनों हाथो से फेलाता था…उसकी गांड का काला छेद लंड को तडपा रहा था…!अच्छा चुदाई चाहे जितनी कर साला फिर भी लैंड नहीं मनता मित्रों.

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 मित्रों मेरा तो मानना है जब भी चुत मारनी हो बिना कंडोम के ही मारो तभी ठीक नहीं सब बेकार.
मैंने उसकी गांड और कमर की कुछ पांच मिनिट मसाज की होगी और उसके बाद सोनम  आंटी उठ बैठी, उसके हाथ अब मेरे लंड पर चलने लगे और वोह उसे मस्त मलने लगी, यकायक उसने अपना मुहं आगे किया और लंड को गोलों तक मुहं में भर लिया, मेरे मन में शांति की एक शीतल लहर दौड़ गई और मैंने अपने हाथ इस देसी आंटी के माथे पर रख दिए, आंटी मुहं को अच्छी तरह चलाने लगी और मुझे संतृप्तता देती गई, उसके लंड चूसने की यह पहली घटना नहीं थी पर आज उसकी चुसाई में कुछ ज्यादा ही प्रेम उभरा हुआ था…शायद यह प्रेग्नेंट होने की वजह से निकलते होर्मोन की कमाल थी | उसका प्रत्येक स्ट्रोक लंड को गोलों तक अंदर लेता था और फिर वह लंड को अग्रभाग तक बहार निकाल देती थी…यह चुसाई का सिलसिला 2 मिनट ही चला होगा की मुझे लगा की अगर यह चुसाई और चली तो लंड अपना पानी छोड़ देगा….!उसके बूर की गहराई में जाने के बाद क्या मजा आया मित्रों  जैसे उसके चुत में माखन भरा हो. hindi sex stories from ONSporn

 उसको देखने बाद साला चुदाई भूत सवार हो जाता मित्रों सोनम  अब अपनी दोनों टांगे फेला के लेट गई, मुझ से रहा नहीं गया और मैंने उसे पूछा, “आंटी, इस अवस्था में सेक्स कर सकते है…!” वोह हंस पड़ी औ बोली, “सेक्स कर सकते है लेकिन आराम वाला, इस लिए में कहूँ उस से ज्यादा जोर से झटके मत देना….” मैंने हकार में मुंडी हिला दी | आंटी ने अपनी टाँगे फेलाए हुए ही मेरे लंड को हाथ में लिया और अपने चूत के उपर उसे रगड़ने लगी | देसी आंटी की चूत मस्त गीली थी और मेरे लंड के अग्रभाग से भी चिकना प्रवाही निसोनम  हुआ था, आंटीने 4-5 बार लंड को रगड़ने के बाद चूत के काने में लंड अंदर कर दिया, लंड उसकी चिकनी योनी में बिना कोई रुकावट के घुस गया और आंटी ने मुझे इशारे से आगे पीछे होने को कहा…मैंने लंड को अब उसकी चिकनी चूतमें अंदर बहार करना शरू किया और मुझे आज चोदा पेली में अलग ही मजा आ रहा था | आंटी ने तभी मुझे कहा, “बस यही गति रखना, इस से ज्यादा जोर मत लगाना” मुझे तो कभी कभी चुदाई का टाइफिड बुखार हो जाता है और जब तक चुदाई न करू    तब तक ठीक नहीं होता. hindi sex stories from ONSporn

 एक बात और मित्रों चुत को चोदते समय साला पता नहीं क्यों नशा सा हो जाता बस चुदाई ही दिखती है  मैं अपना लंड आंटी की चूत में मस्त हिलाता रहा और आंटी मेरे झांघो पर हाथ रखे मेरी गति का नियमन कर रही थी, मेरे लंड पर देसी आंटी की चूत की चिकनाहट मस्त चिपक रही थी और मेरे बदन में एक अलग ही उत्तेजना दौड़ रही थी, मैंने अपने हाथ सोनम  आंटीके चुन्चो पर रख के उन्हें दबा दिए, तभी इस आंटी ने अपनी चूत को भींच दे दी, मेरा लंड उसकी चूत में कस गया और एकाद दो बार अन्दर बहार करते ही मेरे लंड से वीर्य की मलाई निकल गई….मेरे बदन में एक अलग ही शांति व्याप गई और मैंने आंटी के होंठो को चूम लिया….मैंने लंड बहार निकाला और आंटी ने खड़े होकर कपडे पहन लिए…मैं भी वही रसोईघर के दरवाजे से चुपके से बहार निकल गया. उह यह उसकी नशीली आँखे में एक दम  चुदकड़ अंदाज है गर्भवती आंटी को चोदने का मजा ही कुछ और है फिर मैंने खूब चुदाई की.

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इंडियन सेक्स स्टोरी का अगला भाग: ट्रेन में हुई तीन बार चुदाई 

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