बाबा जी का आशीर्वाद (Hindi sex stories from ONSporn)

हैल्लो साथियों.. आज में गुदारी चूत पिघलने और लंड हिलाने वाली गरमा गरम कहानी लेकर हाज़िर हूँ. hindi sex stories from ONSporn मेरी चुदक्कड़ दामिनी बहुत ही रंगीन मिज़ाज़ की है और उतनी ही चुदवाने में माहिर.. वो दिन में ना जाने कितनी चुदाई की सेक्सी फिल्में देखती रहती है. में घर पर से अपने ऑफीस निकला नहीं कि वहह अपनी गांड मटकाती और चूची हिलाती हुई लेपटॉप के सामने जाकर बैठ जाती है और ना जाने इंटरनेट पर क्या क्या साईट्स खोलकर देखती रहती है. अज़ी साईट क्या वो तो अपनी चूत खोलकर बैठ जाती है और मोटे-मोटे, काले-काले, गोरे-गोरे, लंड देखकर अपनी मस्त रसीली चूत को रगड़ने बैठ जाती है और ऐसी मदहोश हो जाती है कि बस पूछो मत.

मित्रों मैंने उसे कितनी बार समझाया है कि दरवाजा लॉक कर लिया करो और खिड़की पर परदा डाला करो.. लेकिन मेरी कौन सुने और वो कहती है कि क्या हुआ अगर कोई मेरी चूत देखकर जी लेगा तो? इसके बाद में भी अपने लंड पर हाथ फैर कर रह जाता हूँ ठीक मुझे क्या है? चूत गांड मोटी चूची एक औरत के सबसे जरूरी हिस्से हैं और मेरी चुदक्कड़ बीवी के पास तो बड़े बड़े और मस्त मस्त बूब्स और चूत है. साथियों यह पिछले दिनों की बात है. मुझे एक दिन के लिए किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़ गया और मेरी मोटे चूतड़ वाली जान की जान पर आफ़त आ गई. इसके बाद वो बोली कि मुझसे तो तुम्हारे बिना रहा नहीं जाएगा और इस तुम्हारे मोटे काले लंड बिना.. (इतना कहते ही दामिनी ने मेरा लंड पेंट में पकड़ लिया और बस इसके बाद क्या था लगी चूसने. ) आअहह वो पूरे मोहल्ले की एक नंबर की लंड चूसने वाली है.. जब भी गली से निकलती है अच्छे अच्छे बड़े लंड वाले सूरमा अपने लंड पर हाथ फैरने लगते है और वो अपने मोटे मोटे बूब्स बड़ी शान से फुलाकर चलती है.

तो मैंने उसे समझाया कि जान एक दिन की ही तो बात है और में बस यूँ गया और यूँ आया. इसके बाद दामिनी ने कहा कि प्लीज मेरी चूत पर तरस खाओ और मत जाओ.. लेकिन अब जाने वाले को कौन रोक सकता था.. लेकिन मेरी कुतिया ने अपने मोटे बूब्स मेरे मुहं में ठूसते हुए कहा कि हरामजादे यह कौन चूसेगा.. पहले इनको चूसकर जा.. वरना में तेरा लंड खींच दूँगी. तो मैंने भी झट से मेरी रंडी के मोटे बूब्स मुहं में अंदर दबाए और निचोड़ना शुरू कर दिए और अपना लंड बाहर निकाल लिया. इसके बाद अपने ऑफीस ट्रिप पर जाने की बात जब पूरे मोहल्ले में जैसे ही यह बात पता चली तो सब अपने लंड उठाकर मेरे घर की तरफ निकल पड़े और कोई बाथरूम, कोई बाल्कनी, कोई खिड़की, कोई दरवाजे से मेरी चुदक्कड़ माल पर नज़र मारने लगा. इसके बाद मेरी चुदक्कड़ माल भी जैसे ही अपनी छत पर अपनी जालीदार ब्रा पेंटी सुखाने ऊपर पहुंची.. तो मेरा पड़ोसी हरामखोर शर्मा ने अपना लंड निकाल कर हिलाना शुरू किया और मेरी लुगाई भी एक नंबर की चुदेल है उसने मुस्कुराकर अपने होंठो पर अपनी लाल लाल जीभ घुमा दी और हंसकर नीचे चल दी. इसके बाद गली के सभी लड़के सीटी बजते और चिल्ला रहे थे.. एक बार मुहं में तो लेले हमे भी चूसा दे अपने मोटे मोटे बूब्स. तो मेरी पत्नी नीचे आई और उसने अपनी सलवार कुर्ता उतारा और लेकर बैठ गई लेपटॉप और शुरू हो गई चुदाई की फिल्में देखने.. नंगी पड़ी और इसके बाद कभी शर्मा, कभी वर्मा और तो और उन साले पुलिस वाले पांडे पाटिल का नाम लेकर चूत में उंगली कर रही थी और बूब्स खींचती हुई कभी मेरा तो कभी मेरे पिताजी का नाम ले रही थी और सब कुछ भूलकर नशे में पड़ी पड़ी खुद को बुरी तरह मसल रही थी. hindi sex stories from ONSporn

तभी दरवाजे को किसी ने खोला और अंदर आते ही आवाज़ लगाई कि क्या कोई घर में है? दरवाजे पर बाबा आए हैं और बड़ी दूर से आए हैं. दामिनी ने होश सम्भाला और झटपट ब्रा, पेंटी में ही उठकर ड्रॉयिंग रूम के दरवाजे की तरफ बढ़ी और उसने देखा कि 6 फीट का लंबा मोटा तगड़ा बाबा लम्बी दाड़ी और सर पर साफा बांधे खड़ा मुस्कुरा रहा है और उसने कहा कि हम प्यासे हैं.. कुछ पिला हम भूखे हैं.. कुछ खिला.. तू अब बाबा की सेवा कर जो माँगेगी तुझे मिलेगा. इसके बाद बाबा ने दामिनी को ऊपर से नीचे देखा और दामिनी की गीली चूत के निशान वाली पेंटी और बाहर निकलने को बैचेन बूब्स देखकर जैसे उनकी आँखो में चमक आ गई थी. दामिनी ज़रा सा डर गई और उसने कहा कि ठीक है बाबा में आपके लिए कुछ लाती हूँ आप थोड़ा रुकिए और दामिनी अंदर रसोई की तरफ चल पड़ी और ना जाने दामिनी की मस्त मटकती गांड जिसके बीच पेंटी को फंसा हुआ देख बाबाजी खुद को रोक ना पाए और अंदर पीछे पीछे चल दिए.

इसके बाद दामिनी ने देखा कि बाबा जी भी अंदर आ गये है.. तो उसने कहा कि बाबा जी आप बैठीए में कुछ लाती हूँ.. लेकिन ना तो बाबा जी बैठने वाले थे और ना उनकी लंगोट में छिपा उनका काला मोटा लंड जो घोड़े के लंड जैसा हो गया. इसके बाद दामिनी ने पानी का लोठा बाबा की और बढ़ाया और कहा कि लीजिए बाबा जी पी लीजिए और प्यास बुझाईये बाबा ने हाथ बढ़ाया.. लेकिन पानी के लोठे को पकड़ने को नहीं दामिनी के मोटे मोटे बूब्स को दबोचने को. तो दामिनी चिल्लाई यह आप क्या कर रहे हैं?

बाबाजी : हम अपनी प्यास बुझा रहे हैं और हम तेरी चूत में लगा अमृत देखकर समझ गये थे कि तुझे बैचेनी है और में अब उसका इलाज करूंगा. इसके बाद बाबा ने झट से दामिनी की चूची को दबाया और ब्रा को फाड़ कर आज़ाद कर दिया और अब चूची बाबा के सामने लटकने लगी.. बाबा ने झट से दामिनी के मस्त मस्त गोरे बूब्स अपने मुहं में भरे और चूसने लग गया. दामिनी छटपटा उठी बाबा बूब्स मुहं से निकालने को तैयार नहीं था बल्कि वो छोटे बच्चे जैसे उसके बूब्स चूस रहे थे और दाँतों के बीच काट रहे थे.. लेकिन अब कब तक दामिनी खुद पर काबू रखा पाती. वो भी अब मजे से सिसकियाँ भरने लगी और बाबा को वो सोफे पर अपने मोटे बूब्स चुसवाने लगी. बाबा भी कभी दामिनी के होंठ चूसता तो कभी निप्पल. इसके बाद दामिनी का हाथ बाबा के लंगोठ में जा घुसा और उसका काला लंबा नाग जैसा लंड पकड़ कर खींचने लगी. बाबा ने लंगोठ खोला और लंड दामिनी के मुहं की तरफ कर दिया. तो दामिनी की तो जैसे किस्मत खुल गई.. एक पूजनीय लंड उसके सामने तैयार खड़ा था और दामिनी ने उस लंड को भींचा और बाबा की अहह निकल गई. दामिनी अब उस लंड को चूसने जा रही थी.. लेकिन तभी बाबा ने कहा कि ऐसे नहीं.. पहले इसकी पूजा करो, जल चड़ाओ इस लंड पर.

इसके बाद दामिनी ने टेबल पर रखा लोटा उठाया और बाबा जी के काले बदबूदार लंड को अपने हाथों से धोया, बहुत मसला. तो बाबा जी का लंड अब साफ होकर चमक उठा था.. लेकिन अब दामिनी को सब्र नहीं था और ना ही बाबा जी को. उन्होंने अपना लंड दामिनी के मुहं में घुसा दिया और अंदर बाहर करने लगे और सिसकारी भरने लगे और कहने लगे कि चूस मेरी बेटी चूसे जा इस लंड को.. आज यह लंड धन्य हो गया तेरे जैसी चुड़क्कड़ के मुहं में जा कर.. आहह तुझे बहुत पुण्य मिलेगा बाबा का लंड चूसकर.. तुझे में अभी प्रसाद देता हूँ. तो बाबा ने अपना माल दामिनी के मुहं में दे मारा.. दामिनी भी उसे प्रसाद समझ कर सब चाट गई. अब बाबा से और नहीं रुका जा रहा था. hindi sex stories from ONSporn

इसके बाद बाबा ने दामिनी की पेंटी निकाली और उस पेंटी को सूंघने लगे.. इसके बाद उनसे रुका ना गया और दामिनी की काली मस्त और गुलाबी चूत में जा घुसे. उसे उन्होंने बहुत जमकर चूसना शुरू किया और अपनी प्यासी जीभ को चूत की गहराई में घुसाने लगे और अपने हाथ की उगलियाँ दामिनी की चूत में घुसा कर मसलने लगे और पूरी तरह पागल हो गये.. सारे कमरे में दामिनी की सिसकियाँ सुनाई देने लगी. इसके बाद वो भी बाबा के बाल पकड़ कर खींचने लगी और पूरी मस्त होकर उछल उछल कर चूत चूसवाने लग गई और कहा कि इस चूत की इच्छा पूरी करो ना बाबा जी.. आपने कहा था कि सेवा करूंगी तो में जो मांगूगी मुझे वो मिलेगा.. अब मेरी इच्छा पूरी कर दो.. आआआआः गई में तो घुस जा साले आअहह!

बाबा : लगता है कि तू मेरा वीर्य निचोड़ कर ही मानेगी.. तू बहुत ही बड़ी चुड़क्कड़ है चल मेरे आश्रम पर बहुत लंड घूमते हैं वहाँ पर काले-काले लम्बे-लम्बे और तो और हमारे भक्त भी प्रसन्न होकर तेरी चूत में बहुत लंड और बहुत पैसा दान करेंगे और तेरे मोटे बूब्स चूसने का प्रोग्राम भी रख दूँ तो तू रंडी देवी बन जाएगी सब पूजेगें तुझे आआअहह..

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दामिनी : भोसड़ी के बहेनचोद तू मेरी अपनी माँ को भी वहाँ पर ले चलना और मेरी अपनी बहन को भी और जो आप कहोगे में वैसा ही करूंगी.. लेकिन अभी इस जलती हुई चूत को ठंडा कर दे. तो बाबा जी ने आव देखा ना ताव अपना मोटा लम्बा लंड दामिनी की चूत में धकेल दिया दामिनी की तो मानो जान निकल आई और वो मस्ती में पागल होने लगी. बाबा जी उसके ऊपर उछलने लगे तो दामिनी के मोटे बूब्स भी उछलने लगे और बाबा जी उन पर भी टूट पड़े और उनको चूसने और दबाने लगे. दामिनी की चूत को अब चैन आने लगा और वो पानी छोड़ने लगी. बाबा जी के लिए तो यह अमृत समान था.. उन्होंने झट से अपना मुहं चूत को लगाते हुए चूत के मुख्यद्वार पर जहाँ से रस निकल रहा था उसका स्वाद लेने में डूब गये. इसके बाद बाबा जी भी पूजा पाठ किए बिना इस रोचक रसीली चुदाई को कहाँ खत्म करने वाले थे. उन्होंने दामिनी से कहा कि बेटी हम तेरी लंड भक्ति देख बहुत प्रसन्न हुए.. अब में तेरी गांड पूजा करना चाहता हूँ मोटे मोटे चूतडो को पूजना चाहता हूँ. तेरी गांड का भोग लगाना चाहता हूँ. अह्ह्ह और उन्होंने अपना अंगूठा दामिनी की काली मतवाली गांड के छेद में घुसाया तो दामिनी मानो हवा में उछल गई और उसने कहा कि बाबाजी आज मुझे अपनी परम भक्त बना लीजिए.. बाबाजी ने दामिनी को कुतिया बनने का आदेश दिया और दामिनी भी गली की पालतू चुदक्कड़ कुतिया जैसे तैयार हो गई. hindi sex stories from ONSporn

बाबाजी : बेटी पहले हमे इसको साफ करना होगा.. लेकिन इस सुंदर काली गांड को पानी से नहीं अपनी लैंड की टोपी से साफ करूंगा और इसके बाद उन्होंने अपनी मोटी पानी से भरी जीभ दामिनी के चूतड़ के बीच में घुसा दी और उसको चाटने लगे.. अयाया उम्म्म माआहह हाआहह आआहह.

दामिनी : बाबा जी क्या ऐसी गांड कभी तुमने पहले चूसी है.. अहह बताओ ना?

बाबा : नहीं बेटी इतनी रसीली और सुंदर गांड कभी नहीं.

इसके बाद बाबा जी ने अपनी एक उंगली गांड में घुसा दी और एक चूत में.. दामिनी भी अब नशे में आँखे बंद किए इस रासलीला का आनन्द लेती रही और मुहं खोलकर सिसकियाँ लेती रही. तभी एकदम से उसके मुहं में एक लंड ने प्रवेश किया.. दामिनी चौंक गई और उसे इस लंड का स्वाद जाना पहचाना लगा. अरे यह तो उसके प्यारे पति का मोटा लंड था.. लेकिन उसे यकीन ना हुआ उसने आंखे खोली और सामने पति को देखकर खुशी के मारे उछल पड़ी. अब तो दामिनी मानो जन्नत में हो.. एक लंड गांड में और एक अपने मुहं में दोनों तरफ से खुद को चुदता देख वो और धक्के मार मार कर चुदवाने लगी. बाबाजी अब दामिनी की गांड में अपना रस छोड़ने वाले थे और दामिनी भी अपनी टपकती चूत को रोक ना पा रही थी और हम तीनों एक दूसरे पर निढाल होकर गिर गये.

इसके बाद दामिनी बीच में पड़ी थी और एक तरफ बाबाजी बूब्स चूस चूस कर मीठा मीठा दर्द कर रहे थे और एक में नोच रहा था. दामिनी के मुहं से सिसकियाँ निकल रही थी और वो अपने कोमल हाथों में हम दोनों के लंड मसल रही थी और दामिनी अब हमारे लंड की मालिश कर रही थी.. बाबाजी अपना प्रसाद देने वाले थे और उन्होंने एक ज़ोर की सिसकी ली और अपना माल निकाल दिया.. बाबाजी बहुत संतुष्ट थे और उन्होंने जोर से दामिनी का बूब्स मसला और उसकी चूत की चुम्मि ली और में पड़ा पड़ा बूब्स चूसने में लगा हुआ था. इसके बाद बाबा जी ने लंड को अपने लंगोठ में डाला और अपने कपड़े पहन कर बोले कि बेटी तुमने हमे बहुत खुश किया है कभी हमारे आश्रम ज़रूर आना और उन्होंने दामिनी को आशीर्वाद देते हुए कहा कि हमेशा लंडवती रहो.. तुझे कभी प्यार भरे लंड की कमी ना रहे और उन्होंने मेरा लंड पकड़ कर दामिनी की चूत में दे दिया और में दामिनी की चूत को मजे से चोदने लगा. तो मैंने देखा कि बाबा का लंड दोबारा खड़ा हो गया है और यह सब देखकर उन्होंने झट से दामिनी की पेंटी अपनी पोटली में रखी और वहाँ से निकल गए. hindi sex stories from ONSporn

इसके बाद में और दामिनी बैड पर नंगे पड़े एक दूसरे में चपके हुए थे.. में दामिनी की चूत चाट रहा था और दामिनी मेरे लंड से खेलते खेलते ना जाने कब सो गई. उस रात मैंने तीन बार दामिनी की चूत मारी अगली सुबह तक भी हमें कुछ होश नही था. इसके बाद मैंने बहुत बार चुदाई की और उसे प्रग्नेंट कर दिया.

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इंडियन सेक्स स्टोरी का अगला भाग: चाचा चाची की चुदाई देखकर 

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